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दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के तहत "राज्य सलाहकार बोर्ड का गठन

दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के तहत "राज्य सलाहकार बोर्ड का गठन सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण मंत्री होंगे अध्यक्ष इन्दौर | 20-अप्रैल-2018    राज्य शासन ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम में निहित प्रावधानानुसार राज्य सलाहकार बोर्ड का गठन किया है। इसमें सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण मंत्री को अध्यक्ष बनाया गया है। राज्य मंत्री सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष होंगे।    सदस्यों में सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण, शिक्षा, उच्च शिक्षा, महिला-बाल विकास, वित्त, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम, उद्योग, रोजगार, नगरीय विकास, सूचना एवं प्रौद्योगिकी, खेल एवं युवक कल्याण, परिवहन, लोक निर्माण, तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव को शामिल किया गया है। इसी प्रकार राज्य विधान मण्डल के 3 सदस्यों में विधानसभा सदस्य उमरिया कु. मीना सिंह, विधानसभा सदस्य सागर श्रीमती पारुल साहू केशरी और विधानसभा सदस्य छतरपुर श्री पुष्पेन्द्र नाथ पाठक को भी सदस्य के रूप में शामिल किया है। राज्य सरकार द्वारा नाम-निर्दिष्ट ...

लुई ब्रेल "सफलता की कहानी

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लुई ब्रेल "सफलता की कहानी " दृष्टीबाधितों के मसीहा एवं ब्रेल लिपि के आविष्कारक लुई ब्रेल का जन्म फ्रांस के छोटे से गाँव कुप्रे में हुआ था । 4 जनवरी 1809 को मध्यम वर्गीय परिवार में जन्में लुई ब्रेल की आँखों की रोशनी महज तीन साल की उम्र में एक हादसे के दौरान नष्ट हो गई। परिवार में तो दुःख का माहौल हो गया क्योंकि ये घटना उस समय की है जब उपचार की इतनी तकनीक इजात नही हुई थी जितनी कि अब है। बालक लुई बहुत जल्द ही अपनी स्थिती में रम गये थे। बचपन से ही लुई ब्रेल में गजब की क्षमता थी। हर बात को सीखने के प्रति उनकी जिज्ञास को देखते हुए, चर्च के पादरी ने लुई ब्रेल का दाखिला पेरिस के अंधविद्यालय में करवा दिया। बचपन से ही लुई ब्रेल की अद्भुत प्रतिभा के सभी कायल थे। उन्होने विद्यालय में विभिन्न विषयों का अध्यन किया। कहते हैं ईश्वर ने सभी को इस धरती पर किसी न किसी प्रयोजन हेतु भेजा है। लुई ब्रेल की जिन्दगी से तो यही सत्य उजागर होता है कि उनके बचपन के एक्सीडेंट के पीछे ईश्वर का कुछ खास मकसद छुपा हुआ था। 1825 में लुई ब्रेल ने मात्र 16 वर्ष की उम्र में एक ऐसी लिपि का आविष्कार कर दिया जिसे ...